Masik Vrishabha Rashifal - वृष मासिक राशिफल

Taurus Rashifal

स्वास्थ्य: यह महीना स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से मध्यम रहने की संभावना है। राशि स्वामी शुक्र आपकी राशि में ही विराजमान रहेंगे। जिससे स्वास्थ्य में सुधार भी रहेगा लेकिन सूर्य, बृहस्पति, बुध और शुक्र एक साथ प्रथम भाव में और मंगल द्वादश भाव में तथा केतु पंचम भाव में होने से स्वास्थ्य समस्याएं भी परेशान कर सकती हैं। आपको किसी प्रकार की चोट लगने अथवा बुखार की समस्या हो सकती है। जो समय रहते और उचित इलाज से ठीक हो जाएगी इसलिए कोई ज्यादा घबराने की आवश्यकता नहीं है। सूर्य, बुध, शुक्र ग्रह महीने के उत्तरार्ध में आपके द्वितीय भाव में रहेंगे जिससे अपने खानपान में सुधार रखें। खान-पान की आदतों पर ध्यान दें, अच्छी दिनचर्या का पालन करें अन्यथा आपको दातों और बालों से संबंधित कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। वैसे आप अपने आपको तंदुरुस्त बनाए रखने के लिए काफी प्रयास करेंगे और वह प्रयास सफल भी होंगे जिससे आप अच्छे स्वास्थ्य का लुत्फ लेंगे।

कैरियर: करियर के दृष्टिकोण से यह महीना अनुकूल रहने की संभावना है। दशम भाव के स्वामी शनि महाराज दशम भाव में ही पूरे महीने बने रहने वाले हैं जिससे आप खूब लगन और मेहनत से परिश्रम करेंगे अपना काम बखूबी निभाएंगे और कार्यक्षेत्र में अपने पद पर बने रहने के लिए जो आवश्यक योग्यताएं हैं वह सभी आप में होने के कारण और आपके द्वारा उनका इस्तेमाल करने के कारण आप एक आदर्श कर्मचारी के रूप में नौकरी में अपनी जगह पक्की बनाए रखेंगे। जहां तक आपके वरिष्ठ अधिकारियों की बात है तो वह थोड़े से तेज तर्रार हो सकते हैं और आपके प्रति उनके मन में विचार अच्छे बुरे दोनों प्रकार के हो सकते हैं इसलिए बस एक बात का ध्यान रखें कि आपका कोई विरोधी आपके विरुद्ध जाकर उनके सामने कुछ गलत बात ना पेश करें। ऐसा होने पर तुरंत अपनी स्थिति उनके समक्ष स्पष्ट कर दें अन्यथा उसका कोई और मतलब निकाल सकते हैं। छठे भाव के स्वामी शुक्र महाराज प्रथम भाव में विराजमान रहने के कारण आपको कठिनाइयों के बाद सफलता मिलने के योग बनेंगे। कठिन परिश्रम ही आपकी सफलता की कुंजी होगा। व्यापार करने वाले जातकों को विदेशी संपर्कों का लाभ मिल सकता है। सप्तम भाव के स्वामी मंगल महाराज द्वादश भाव में विराजमान रहेंगे जिससे विदेशी व्यापार में बढ़ोतरी हो सकती है। आपको अपने क्रोध पर भी थोड़ा सा नियंत्रण रखना होगा और यदि आपके व्यवसायिक साझेदार किसी बात को लेकर क्रोध कर रहे हैं तो उन्हें समझने और संभालने की कोशिश करें। व्यर्थ के विवाद से दूर रहें इसी से आपका व्यापार उन्नति की राह पर आगे बढ़ना प्रारंभ हो जाएगा। सूर्य, बृहस्पति, बुध, और शुक्र ग्रह सप्तम भाव पर एक साथ कई निर्णय ले सकते हैं। हालांकि यह सभी निर्णय आपके लिए बेहतरीन नतीजे लेकर आएंगे इसलिए आपको परेशान नहीं होना है। शुक्र 12 जून को, बुध 14 जून को, और सूर्य 15 जून को प्रथम भाव से निकलकर द्वितीय भाव में आ जाएंगे जिससे आपके व्यापार में और अच्छी स्थितियों का निर्माण होगा और आप बेबाकी से अपना काम जारी रख पाएंगे।

प्रेम / विवाह / व्यक्तिगत संबंध: यदि आपके प्रेम जीवन की बात करें तो यह महीना उतार-चढ़ाव से भरा रहने वाला है। पंचम भाव में केतु महाराज विराजमान रहेंगे और उन पर राहु महाराज की पूर्ण दृष्टि रहेगी। पंचम से अष्टम भाव में मंगल महाराज विराजमान रहेंगे जिससे आप और आपके प्रियतम के बीच कहासुनी होने और आपसी सामंजस्य का अभाव होने की स्थिति पैदा हो सकती है। आपको अपने प्रियतम पर किसी प्रकार का कोई शक पैदा हो सकता है और शक का इलाज नहीं है इसलिए बेवजह आपका रिश्ता बिगड़ सकता है। आपको चाहिए कि अपने प्रियतम पर पूरा भरोसा रखें और उनकी बातों को सुनें, जाने कि उनके व्यवहार का क्या कारण है इसी से आप उनके और निकट आ पाएंगे और अपने रिश्ते की अहमियत को समझ कर अपने रिश्ते की रक्षा कर पाएंगे। पंचम भाव के स्वामी बुध महाराज 14 जून को आपके दूसरे भाव में प्रवेश करेंगे जिससे परिवार के बीच आप अपने प्रियतम को मिलवा सकते हैं और परिवार के लोग उन्हें स्वीकार भी कर सकते हैं। इसके बाद महीने के अंतिम दिनों में 29 जून को बुध ग्रह कर्क राशि में तीसरे भाव में आएंगे तब आपके प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी, मित्रों का सहयोग मिलेगा, आपकी मित्र मंडली में भी इजाफा होगा और आपका प्रेम जीवन पुष्पित होगा। विवाहित जातकों की बात करें तो आपके लिए यह महीना मिश्रित परिणाम लेकर आने वाला है। एक तरफ तो देव गुरु बृहस्पति शुक्र और बुध जैसे शुभ ग्रह आपके सप्तम भाव पर दृष्टि डालेंगे जिससे रिश्तो में अच्छी समझ रहेगा आपसी प्रेम बढ़ेगा। रोमांस के भी अवसर मिलेंगे, साथ में कहीं घूमने भी जाएंगे और एक दूसरे को भरपूर प्रेम देंगे तो वहीं, सूर्य और मंगल की दृष्टि भी तथा शनि देव की दृष्टि भी सप्तम भाव पर होने से जीवन साथी से कहासुनी और लड़ाई झगड़े की नौबत भी आ सकती है इसलिए आपको थोड़ा सामंजस्य बिठाना होगा। आप चाहे तो इस समय का सदुपयोग इस रूप में कर सकते हैं कि जीवन साथी के नाम से या उनके माध्यम से कोई व्यापार शुरू कर सकते हैं इसमें आपको बहुत अच्छा लाभ प्राप्त हो सकता है। 15 जून को सूर्य मिथुन राशि में आपके दूसरे भाव में चले जाएंगे तो इन स्थितियों में कमी आएगी और आप अपने जीवनसाथी को बराबर महत्व देंगे, आपसी प्रेम हर रिश्ते की नीव होती है और आपकी यह नींव बहुत मजबूत रहने वाली है तो इन स्थितियों में कमी आएगी और आप अपने जीवन साथी को बराबर महत्व देंगे।

सलाह: आपको शुक्रवार के दिन माता महालक्ष्मी जी की उपासना करनी चाहिए। बुधवार के दिन श्री गणेश जी को दूर्वांकुर अर्पित करना चाहिए। आपको श्री राधा कृष्ण जी के मंदिर जाकर उन्हें गोपी चंदन भेंट करना चाहिए। किसी तीर्थ यात्रा पर अपनी बहन और भाई को लेकर जाएं।

सामान्य: यह महीना वृषभ राशि के जातकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित होने वाला है। आपके विदेश जाने के प्रबल योग बन रहे हैं। आप किसी काम से भी विदेश जा सकते हैं लेकिन विदेश यात्रा के समय थोड़ी सावधानी रखें और सभी कागजों को भली प्रकार संभाल कर रखें क्योंकि दस्तावेजों की कमी के कारण यात्रा में कोई असुविधा हो सकती है और लंबी यात्राओं पर जाने से पूर्व तैयारी से जाएं क्योंकि आपको कोई शारीरिक समस्या परेशान कर सकती है। आपके मन में एक साथ बहुत सारे विचार चलेंगे जो आपके सोचने और समझने की शक्ति को प्रभावित करेंगे। वैवाहिक संबंधों में प्रेम बढ़ेगा। हल्का-फुल्का अहम का टकराव तो संभव है लेकिन आप आपसी प्रेम बढ़ाकर अपने रिश्ते को और खूबसूरत बनाने में कामयाब हो सकते हैं। प्रेम संबंधों के लिए यह महीना उतार-चढ़ाव से भरा रहने वाला है लेकिन अच्छी बात यह होगी कि आप अपने प्रियतम से अपनी सभी बातें कह पाएंगे जिससे उनके मन में जो शक का बीज पैदा हो चुका है वह दूर हो जाएगा और आपसी दूरियां कम होंगी। विद्यार्थियों को शिक्षा में बहुत सारी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए और इसके लिए अपनी एकाग्रता को बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए भले ही इसके लिए उन्हें कुछ समय के लिए अन्य कार्यों से दूर रहना पड़े लेकिन आप ऐसा नहीं करते हैं तो इससे आपकी पढ़ाई प्रभावित होगी और आप परेशानी महसूस कर सकते हैं। पारिवारिक संबंध तो अनुकूल ही रहेंगे आपको अपने माता-पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखना आवश्यक होगा। करियर के क्षेत्र में यह महीना अनुकूल रहने की संभावना है। आप नौकरी करते हो अथवा व्यापार करते हो आपको मनचाही सफलता प्राप्त हो सकती है और आपकी मेहनत आपको अन्य लोगों से आगे रखेगी। स्वयं पर विश्वास रखें और हर काम को पूरे मन से करें इसी से आपको सफलता मिल जाएगी।

वित्त: यदि आपकी आर्थिक स्थिति को देखा जाए तो यह महीना आमदनी के लिए बहुत अच्छा रहने वाला है। एकादश भाव में राहु की उपस्थिति आपके लिए एक वरदान के समान है। आपकी आमदनी में बेतहाशा बढ़ोतरी होने के योग बनेंगे। आप जिस काम को करेंगे उस काम से ही आपको अच्छा धन प्राप्त होता दिख रहा है। हालांकि बस एक बात यह है कि मंगल महाराज द्वादश भाव में विराजमान रहेंगे जो खर्चों को बनाए रखेंगे और उन पर शनिदेव की दृष्टि भी होगी इसलिए खर्च कुछ बेवजह के हो सकते हैं जिनके लिए आपको थोड़ा परेशान होना पड़ेगा लेकिन आमदनी अच्छी ही रहेगी जिससे आपको कोई बड़ी समस्या नहीं आएगी। सूर्य के 15 जून को मिथुन राशि में दूसरे भाव में जाने से और उससे पहले बुध के भी 14 जून को और शुक्र के 12 जून को दूसरे भाव में जाने से धन संचय करने में भी सफलता मिल सकती है। आपका बैंक बैलेंस भी बढ़ेगा, संपत्ति के क्रय-विक्रय से भी लाभ हो सकता है, और किसी तरह का निवेश करने से भी आपको धन लाभ हो सकता है। आप फिक्स डिपॉजिट स्कीम का लाभ उठा सकते हैं और इसमें अपना धन अच्छे से जमा करा सकते हैं। आपको आने वाले समय में उसका अच्छा लाभ मिल सकता है। शेयर बाजार में पैसा डालने के लिए समय बहुत अनुकूल नहीं है। सोच समझ कर ही कदम बढ़ाएं। व्यापार में उन्नति होगी जिससे आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी होगी।

पारिवारिक: यह महीना पारिवारिक तौर पर अच्छा रहने की संभावना है। दशम भाव के स्वामी सूर्य महाराज प्रथम भाव में महीने के पूर्वार्ध में बने रहेंगे जिससे आपकी माताजी का वर्चस्व घर में रहेगा। उनकी बातों को मानना और समझना सबके लिए आवश्यक होगा। उनके निर्णय बेहतरीन साबित होंगे जिससे घर का माहौल अनुकूल रहेगा। पूरे महीने दशम भाव में शनि देव उपस्थित रहकर आपके चतुर्थ भाव पर भी दृष्टि डालेंगे जिससे बीच-बीच में कुछ कहासुनी होने की नौबत आ सकती है। पिताजी से आपके संबंध ठीक-ठाक रहेंगे लेकिन उनको कोई भी कड़वी बात कहने से बचें। दूसरे भाव के स्वामी बुध महाराज महीने के पूर्वार्ध में प्रथम भाव में होंगे जिससे परिवार का सहयोग आपको मिलेगा और बाद में 14 जून को बुध अपने ही भाव में द्वितीय भाव में चले जाएंगे जिससे परिवार में समरसता बढ़ेगी, आपस में प्रेम बढ़ेगा, और एक दूसरे से अच्छी और प्यार भरी बातें करने से घर का माहौल हल्का बना रहेगा। मंगल महाराज द्वादश भाव में बैठकर अपनी चतुर्थ दृष्टि से तीसरे भाव को देखेंगे जिससे भाई बहनों को उनके करियर में अच्छी सफलता मिलने के योग बनेंगे। सूर्य 15 जून को आपके द्वितीय भाव में आ जाएंगे तब परिवार में आपका प्रभुत्व बढ़ेगा, आपको ज्यादा मान सम्मान मिलेगा और आपकी बातों को तवज्जो मिलेगी। आपको अहम भाव से ग्रसित नहीं होना है और किसी को कर्कश वाणी से कुछ भी नहीं कहना है। अन्यथा आपके रिश्ते बिगड़ सकते हैं। सरकारी क्षेत्र से परिवार की कोई आमदनी बढ़ सकती है।