Masik Kanya Rashifal - कन्या मासिक राशिफल

Virgo Rashifal

स्वास्थ्य: यदि आपके स्वास्थ्य की बात करें तो नजर आता है कि प्रथम भाव के स्वामी बुध महाराज कुंडली के तीसरे भाव में शुक्र और सूर्य के साथ स्थित हैं और उनके ऊपर मंगल देव की पूर्ण दृष्टि है। इस कारण स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। आपको त्वचा संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। कुंडली के छठे भाव के स्वामी शनि महाराज पंचम भाव में अपनी ही राशि में स्थित हैं तथा कुंडली के अष्टम भाव में राहु महाराज विराजमान हैं इसलिए आपको थोड़ा सा ध्यान रखना चाहिए। राहु और केतु का दूसरे और अष्टम भाव में होना आपको बासी और गरिष्ठ भोजन से संबंधित कुछ परेशानियां दे सकता है। ऐसा भी कहा जा सकता है कि फ़ूड पॉइज़निंग जैसी चीजों से परेशानी हो सकती है इसलिए बासी और पुराना भोजन करने से बचें। अधपका भोजन भी नुकसानदायक हो सकता है। बहुत पहले के बने हुए भोजन को करने से बचें और ताजा भोजन ही करें, जो हल्का और सुपाच्य हो, इसलिए पेट का ध्यान रखें। उसके साथ ही वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। किसी से मांग कर ले जाकर वाहन न चलाएं, नहीं तो दुर्घटना हो सकती है। बुध के चतुर्थ भाव में गोचर करने के बाद से स्वास्थ्य में अच्छी स्थिति देखने को मिलेगी। आप यदि स्वास्थ्य के प्रति अनुशासित रहेंगे तो आप तंदुरुस्त रह पाएंगे।

कैरियर: करियर के दृष्टिकोण से यह महीना कन्या राशि के जातकों के लिए मध्यम रहने वाला है। दशम भाव के स्वामी बुध ग्रह के तीसरे भाव में शुक्र और सूर्य के साथ होने के कारण आप अपने साथ काम करने वाले सहकर्मियों के साथ बड़ा अच्छा महसूस करेंगे और उसकी वजह से आपको काम में मजा आएगा लेकिन आप गॉसिप में भी ज्यादा समय लगा सकते हैं जो कि कार्यक्षेत्र में समस्या दे सकता है इसलिए थोड़ा संभल कर रहें। 3 तारीख को बुध और 5 तारीख को शुक्र ग्रह चतुर्थ भाव में आकर आपके दशम भाव को देखेंगे जिसकी वजह से कार्य क्षेत्र की स्थिति मजबूत होगी। आपको अपने कार्यक्षेत्र पर काम करना पसंद आने लगेगा। इसकी वजह से आप का प्रदर्शन सुधरेगा। 16 दिसंबर को सूर्य देव जी चतुर्थ भाव में आकर दशम भाव को पूर्ण रूप से देखेंगे जिसकी वजह से कार्य क्षेत्र में स्थिति और मजबूत होगी। आपके विरोधी शांत होंगे और आप अपनी नौकरी में अपना श्रेष्ठ देने में कामयाब रहेंगे। छठे भाव के स्वामी शनिदेव की पंचम भाव में उपस्थिति तथा मंगल के नवम भाव में वक्री अवस्था में होने से कार्यक्षेत्र में बदलाव होने की भी संभावना बन सकती है। यदि आप कोई व्यापार करते हैं तो आपके लिए यह महीना काफी अनुकूल रहेगा। सप्तम भाव में अपनी ही राशि के बृहस्पति महाराज आपको एक परिपक्व सोच देंगे जो आपको दूरदर्शिता के साथ मजबूत निर्णय लेने में मदद करेगी। इसके परिणाम स्वरूप आप अपने बिजनेस में कुछ महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू करेंगे और आपके संबंध भी अच्छे लोगों से बढ़ेंगे जिसका आपको अपने व्यापार में लाभ होगा। यदि आप साझेदारी में व्यापार करते हैं तो आपके साझेदार बड़े अच्छे तरीके से आपका सहयोग करेंगे और दोनों मिलकर अपने व्यापार को आगे ले जाने में कामयाब रहेंगे। शनि देव के पंचम भाव में होकर सप्तम भाव पर दृष्टि डालने के कारण आपका व्यापार अच्छी प्रगति करेगा और कुछ लंबी यात्राएं भी संभव हैं जो व्यापार के संबंध में लाभ प्रदान करने वाली होंगी इसलिए इस महीने आप अपने व्यापार के लिए महत्वपूर्ण दिशा निर्देश के अनुसार काम करने में लग जाएं ताकि आप इस दौरान पूरा लाभ उठा सकें।

प्रेम / विवाह / व्यक्तिगत संबंध: यदि आपके प्रेम जीवन की बात करें तो प्रेम संबंधी मामलों के लिए यह महीना बहुत महत्वपूर्ण साबित होने वाला है। स्वराशि के शनि महाराज पंचम भाव में रहने से आप अपने प्यार की सच्चाई को महसूस करेंगे। यदि आप किसी को दिल से सच्चा प्यार करते हैं तो उनके दिल में आपके लिए जगह बनेगी और आपका रिश्ता टिका रहेगा तथा एक दूसरे पर विश्वास मजबूत होगा। इसके विपरीत यदि आप केवल दिखावे के लिए प्रेम जता रहे हैं तो यह समय आपके रिश्ते के लिए बड़ा कठिन साबित होने वाला है। आपको परीक्षा देनी पड़ सकती है जिसमें आप सच्चे होंगे तो ही उत्तीर्ण हो पाएंगे, नहीं तो आपका रिश्ता टूटने की कगार पर भी आ सकता है इसलिए बेहद सोच समझकर कोई भी बात करें और कोई भी कार्य करें। दोस्तों के साथ मौज मस्ती में अच्छा समय बिताएंगे और उनकी मदद से अपने प्रेम जीवन में कुछ अच्छा करने की कोशिश कर सकते हैं। आप प्रयास करेंगे कि अपने प्रियतम को किसी भी प्रकार नाराज होने से बचाया जा सके और इसमें आपके मित्र मददगार बनेंगे। जो लोग अभी तक कुंवारे हैं, उनका विवाह होने के योग बनेंगे। विवाहित लोगों की बात करें तो सप्तम भाव में स्वराशि के बृहस्पति दांपत्य जीवन की रक्षा करेंगे और आप और आपके जीवन साथी मिलकर अपनी सभी पारिवारिक जिम्मेदारियों को बहुत अच्छे तरीके से निभाएंगे। इस कारण आपके मन में अपने जीवन साथी के प्रति और भी अधिक सम्मान बढ़ जाएगा। आप देखेंगे कि वह परिवार के अन्य सदस्यों से अच्छा व्यवहार करते हैं जो कि आपकी खुशी का कारण बनेगा। इससे आपके परिवार की एकता बढ़ेगी और आप दोनों के रिश्ते में भी मजबूती आएगी। संतान से संबंधित अच्छे समाचार की उम्मीद की जा सकती है। आपकी संतान को लंबी यात्रा पर जाना पड़ सकता है जिसके लिए आप थोड़े से संजीदा हो सकते हैं। सूर्य देव के चतुर्थ भाव में आ जाने से जीवनसाथी को अपने कार्य क्षेत्र में जबरदस्त सफलता मिलने के योग बनेंगे।

सलाह: आपको शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे शाम के समय में सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। मंगलवार के दिन रक्तदान करें अथवा लाल मसूर की दाल का दान करना भी अनुकूलता प्रदान करेगा। आपको बुधवार के दिन अपनी बहन को हरे रंग की चूड़ियां भेंट करनी चाहिए। श्री हरि विष्णु जी की उपासना करना और विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ करना आपके लिए हितकर रहेगा।

सामान्य: कन्या राशि के जातकों के लिए दिसंबर का महीना मिश्रित रूप से फलदायी साबित होगा। आप इस महीने अपने दोस्तों के साथ बहुत समय बिताएंगे और मौज मस्ती करेंगे। आपको समय का पता ही नहीं चलेगा। इससे आपका समय बहुत अच्छे से व्यतीत होगा और मानसिक तनाव में कमी आएगी लेकिन जीवन के अन्य क्षेत्रों को लेकर कुछ तनाव बढ़ेगा। इस महीने आपका ज्यादातर ध्यान अपने पारिवारिक जीवन और अपने करियर पर रहेगा। परिवार में कोई शुभ काम हो सकता है जिसकी वजह से घर में खुशी का माहौल रहेगा। दिसंबर का यह महीना आपके जीवन के लिए कैसा रहेगा और परिवार, करियर, स्वास्थ्य, प्रेम आदि क्षेत्रों में आपको कैसे फल प्राप्त होंगे, यह जानने के लिए विस्तार से राशिफल पढ़ें।

वित्त: आर्थिक दृष्टिकोण से दृष्टि डाली जाए तो यह दिखता है कि आपके दूसरे भाव में केतु महाराज विराजमान हैं जो कि आर्थिक दृष्टिकोण से ज्यादा अनुकूल नहीं हैं और धन संचय करने में आपको सफलता नहीं मिल सकती है। आपके खर्चे अधिक रहेंगे। अष्टम भाव में राहु व्यर्थ के खर्चे कराने में भी सक्षम है इसलिए आपको थोड़ा सोच समझ कर चलना चाहिए और अपने एक बजट बनाकर प्लानिंग के अनुसार खर्च करना चाहिए ताकि आर्थिक रूप से चुनौतियों को समय रहते दूर किया जा सके। हालांकि अच्छी बात यह है कि शनि देव पंचम भाव में बैठकर आपके एकादश भाव को पूर्ण दृष्टि से देख रहे हैं जो एक नियमित आमदनी बनाए रखेंगे और आपको किसी भी काम के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। धन को लेकर आपका कोई भी काम अटकेगा नहीं और आप अष्टम भाव में राहु की उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए थोड़ी समझदारी के साथ शेयर मार्केट में निवेश करके अच्छा धन बना सकते हैं और आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं लेकिन जैसा कि कहा गया है थोड़ा समझदारी दिखाएं और मार्केट के ट्रेंड को देखकर ही इन्वेस्ट करें, तभी लाभ उठा पाएंगे।

पारिवारिक: आइए अब बात करते हैं आपके पारिवारिक जीवन की। कुंडली के दूसरे भाव में केतु की उपस्थिति है जिसकी वजह से आप द्विअर्थी बातें कर सकते हैं या कुछ ऐसी बातें करेंगे, जिन का अर्थ निकालना अन्य लोगों के लिए आसान नहीं होगा। इसकी वजह से कई बार आपको गलत भी समझा जा सकता है। भले ही आप ने कुछ गलत ना कहा हो इसलिए आपको इस दौरान थोड़ा सावधानी से बातचीत करनी चाहिए और अपनी बातें दूसरों को समझ आ जाएं, इस तरीके से अपना व्यवहार करें ताकि किसी तरह की कोई असुविधा ना हो और परिवार का माहौल सकारात्मक बना रहे। शनि महाराज की दृष्टि भी दूसरे भाव पर होने से आपकी वाणी भी थोड़ी कर्कशा हो सकती है जो कि परिवार के माहौल को बिगाड़ने में सक्षम है इसलिए आपके लिए तोल मोल कर बोलना ही अच्छा होगा। आपके चतुर्थ भाव के स्वामी देव गुरु बृहस्पति सप्तम भाव में रहेंगे जिसकी वजह से परिवार का माहौल वैसे सकारात्मक ही रहेगा और घर में कुछ अच्छा काम होगा जिससे घर में रौनक बढ़ेगी और लोगों के आने से घर में माहौल सकारात्मक तथा उत्साह से भरा रहेगा। पारिवारिक सदस्यों के बीच कुछ विवाद होने की संभावना भी बनेगी। हालांकि शुक्र और बुध के चतुर्थ भाव में आ जाने से इन स्थितियों पर विराम लगेगा और घर का माहौल बहुत ही खुशी से भरपूर हो जाएगा। आप भी घरेलू गतिविधियों पर ज्यादा ध्यान देने लगेंगे और घरेलू खर्च भी करेंगे। सूर्य देव के चतुर्थ भाव में आ जाने से आपके अंदर एवं भावना बढ़ सकती है जिसकी वजह से आप घर में खुद को सर्वश्रेष्ठ समझने लग सकते हैं और यही पीड़ा का कारण बन सकता है इसलिए जहां तक संभव हो सके, प्रत्येक सदस्य के साथ मिलकर रहें और लड़ाई - झगड़े और वाद-विवाद से दूर रहें।